मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दादर, वेस्ट मुंबई में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस एवं उत्तराखण्ड में सर्वप्रथम यू.सी.सी. लागू किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सम्मान समारोह’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति सम्मान से भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने अपना पूरा जीवन भारत की एकता, अखंडता को समर्पित किया है। वह एक अच्छे विचारक थे। उन्होंने भारतीय जन संघ के रूप में जो बीज बोया वह आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने है। उनका जीवन हमें देश सेवा में समर्पण की याद दिलाता है। उन्होंने हमेशा समानता, एकता, न्याय का समर्थन किया, उन्होंने देश को एक विधान, एक प्रधान और एक निशान का मंत्र दिया। अपने विचारों से एक शक्तिशाली समृद्ध भारत के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, वीर सावरकर और डॉ मुखर्जी को एक साथ स्मरण करने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कार्यक्रम हेतु आयोजकों का भी आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के सपनों को आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में पूरा होते सभी देशवासी देख रहे हैं। आज देश में समान नागरिक अधिकार पर कार्य हो रहा है, देश की आज़ादी के बाद अब जाकर कश्मीर से धारा 370 को समाप्त कर दिया गया हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड सरकार ने भी डॉ. मुखर्जी जी के सपनों को साकार करते हुए संविधान के अनुसार समान नागरिक संहिता विधेयक पारित कर महामहिम राष्ट्रपति जी की मंजूरी ले ली है। देश में उत्तराखंड राज्य सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू करने वाला राज्य बन गया है। विधानसभा चुनाव 2022 में उत्तराखंड की जनता ने पुनः लगातार दूसरी बार हमारी सरकार बनाई। सत्ता में आते ही हमने सबसे पहले जनता से लिए वादे अनुसार समान नागरिक संहिता लाने का काम किया। उन्होंने कहा राज्य में सभी के विचारों को एकत्र कर समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट को तैयार किया गया ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का मानना था कि मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए समाज में रह रहे सभी लोगों हेतु समान कानून की आवश्कता है। उन्होंने इसे समाजिक और नैतिक आवश्यकता बताया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता किसी से पक्षपात करने के लिए नहीं अपितु आदरणीय प्रधानमंत्री जी का सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास को धरातल में उतारने हेतु लाए हैं। उन्होंने कहा यूसीसी से महिलाओ, बुजुर्गों, बच्चों, आम नागरिकों को उनका अधिकार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत में शक्तिशाली समाज की स्थापना के लिए निरन्तर कार्य हो रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में ही देश में अनेकों ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। तीन तलाक को समाप्त कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर बनने का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य सरकार ने कई कार्य किए हैं। देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप, इसकी पवित्रता और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रभावी कार्य हुए हैं।
इस अवसर पर मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार, लोकसभा सांसद प्रताप चंद सारंगी, पद्मश्री मनोज जोशी, राज्य दर्जा मंत्री विनय रोहेला, अमर जीत मिश्र, भाजपा नेता दीनानाथ तिवारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े 17 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, कार्मिक और ऊर्जा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। औषधि और सर्जिकल सामग्री की खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में काम करेगा और औषधि, सर्जिकल सामग्री व रसायनों की खरीद करेगा। बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि देने और कारापाल सेवा नियमावली को मंजूरी देने का निर्णय भी लिया गया। सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिली छूट जारी रखने का फैसला किया गया। लोकायुक्त खोजबीन समिति को मंजूरी उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी स्वीकृति दी गई। सीड्स निगम के कर्मचारियों का समायोजन उत्तराखंड सीड्स एवं डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाएगा। इन कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जिलों में भेजने का निर्णय लिया गया है। रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में बने 116 आवासों में रह रहे मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी। शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों के लिए भी मंजूरी दी गई। ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट का प्रस्ताव मंजूर अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन देने का निर्णय लिया गया है। दूसरा चरण नौ नवंबर से शुरू होगा। वर्ष 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ मिलेगा। एक जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का फैसला किया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष काम नहीं कर रहे उपनल कर्मचारियों की स्थिति के आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित होगी। कर्मचारियों को परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में समायोजन किया जाएगा। अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ सेवा मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया था। अग्निवीरों से संबंधित कार्यों के लिए अलग सेल गठित की जाएगी। 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगाएगा अडानी यूपीसीएल की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता अडानी को जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है। अडानी पावर यह प्लांट स्थापित करेगा। परियोजना 25 वर्ष के लिए दी गई है। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए बजट बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए पंचायतों और निकायों को बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के बाद तुरंत काम शुरू कराया जा सके। आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और जमाखोरी पर अधिकारी लगातार नजर रखेंगे। सरकार ने अधिकारियों को बाजार में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गांवों में लगेंगी शहीदों की प्रतिमाएं उत्तराखंड के शहीदों की प्रतिमाएं उनके गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार ने इस संबंध में भी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।