* क्या होता हैं मीनोपॉज और कैसे इसे सुखद बनाएः डॉ. सुजाता संजय

* मीनोपॉज यानी बढ़ती उम्र में हार्मोनल असंतुलनः डॉ. सुजाता संजय

देहरादून 18 अक्टूबर 2023! दुनियाभर में हर साल 18 अक्टूबर को विश्व मेनोपोज दिवस के रूप में मनाया जाता है। महिलाओं में बढ़ती उम्र में मीनोपॉज के लक्षण एवं उपाय के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से संजय ऑर्थोपीडिक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर, देहरादून की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता संजय ने मीनोपॉज के बारे में बताते हुए कहा कि मीनोपॉज का अर्थ है- मासिक और पॉज का अर्थ है-रूकना। यानी स्त्रियों के नियमित मासिक-चक्र के रूक जाने को मीनोपॉज कहते है। इसे रजोनिवृत्ति भी कहते है अर्थात् वह अवस्था जब मासिक रजस्राव बन्द हो जाता है, प्रजनन की शक्ति समाप्त हो जाती है और बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगते है। 40-45 साल की उम्र में महिलाओं का मासिक-चक्र अनियमित हो जाता है और अण्डाशय से अण्डों का निकलना खत्म होने लगता है। कुछ महीनों या सालों के बाद मासिक-चक्र बिल्कुल रूक जाता है और स्त्री-सम्बन्धी हार्माेन शरीर में बनने बन्द हो जाते है।
डॉ. सुजाता संजय ने बताया कि मीनोपॉज की तीन अवस्थायें होती है, जैसेः प्रथम अवस्था में ओवरीज धीरे-धीरे कम काम करने लगती है और मासिक-चक्र नियमित रहता है, लेकिन कुछ लक्षण प्रकट होने लगते है। इस अवस्था को प्रीमेनोपॉज कहते है। दूसरी अवस्था में मासिक-चक्र बिल्कुल अनियमित हो जाता है और लक्षण तकलीफदेह होने लगते है। इस अवस्था को पेरी मीनोपॉज कहते हैं एवं तीसरी अवस्था वह अवस्था होती है जिसमें एक बार मासिक-चक्र के पूरे साल तक रूक जाने के बाद पोस्ट मेनोपॉज अवस्था शुरू हो जाती है।
डॉ. सुजाता संजय ने मीनोपॉज के मुख्य लक्षणों में बताया कि इसमें रात को पसीना आना, नींद न आना, हॉटफ्लशेज यानी अचानक छाती, गर्दन या चेहरे पर लाली आ जाना और गर्मी सी महसूस करना। इस दौरान योनिद्वार में सूखापन, योनि की त्वचा का पतला हो जाना आदि समस्यायें होती है, जिसकी वजह से योनि और पेशाब की नली में इंफेक्शन की सम्भावना बढ़ जाती है। सैक्स हार्माेन की कमी की वजह से कामेच्छा भी कम हो जाती है। मासिक-धर्म, अनियमित होत-होते एक दिन बन्द हो जाता है। किसी-किसी स्त्री में मासिक-धर्म अनियमित और अधिक मात्रा में होने लगता है। मीनोपॉज की अवस्था में जाने वाली लगभग सभी औरतों की मानसिक अवस्था भी प्रभावित होती है। वे चिड़चिड़ी, बिना बात के रोने वाली और अवसाद से ग्रस्त हो जाती है। जननांग में परिवर्तन के अतिरिक्त शरीर में सामान्य परिवर्तन भी स्पष्ट होने लगते हैं। छाती, पीठ के निचले भाग तथा पेट में वसा की अतिरिक्त परत जमने लगती है। स्तन के ऊतकों में परिवर्तन तथा वहां वसा के अधिक जमाव की वजह से त्वचा में सिकुड़न आ जाती है तथा स्तन ढीले होकर लटकने लगते हैं। होठों के आसपास तथा ठुड्डी पर बाल उग आते हैं। इस समय धमनियों में रक्तसंचार की अनियमितता, ओस्टियोपोरोसिस, मूत्र-संचार की तकलीफ, वजन बढ़ना आदि समस्यायें हो सकती है।
डॉ. सुजाता संजय ने बताया कि मीनोपॉज के समय घबराएं नहीं, इन समस्याओं का मतलब यह कदापि नहीं है कि आप दिन-रात इसके बारे में सोच-सोचकर खुद को और बीमार कर लें। नियमित दिनचर्या, व्यायाम और सही खानपान के द्वारा स्त्रियाँ अपने आपको स्वस्थ और सुन्दर बनाये रख सकती है। मीनोपॉज के समय-कुछ बातों का ध्यान रखते हुए आप मीनोपॉज के समय को सामान्य कर सकती है। मीनोपॉज के समय में ग्रीन टी पीने का अपने कई फायदे है। यह आपके इम्यून सिस्टम की क्षमता को बढ़ाती है साथ ही कई तरह की गम्भीर बीमारी में भी ग्रीन टी काम करती है। इसलिए आप ग्रीन टी का इस्तेमाल कर सकते है। अच्छी नींद हर किसी बीमारी के लिए दवा की जैसे काम करती है इसलिए आप इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि आप कितनी भी व्यस्त क्यों नही हो एक पूरी नींद के समय अवश्य निकलें। जब भी हम तनाव के दौर से गुजरते है। हमारे शरीर में एक हार्मोन बनाता है। जो हमारे शरीर के विकास और वजन को संतुलित रखने के लिए अवरोध का काम करता है। उसका नाम है कोर्सिटोल इसलिए हमेशा इस का बात का ध्यान रखें कि तनाव मुक्त रहने से भी आप बहुत सी परेशानियों से बच सकते है। साथ ही तनाव से बचे रहना आपका मीनोपॉज के समय के लिए आवश्यक है। मेनोपॉज के समय में सकारात्मक रहे और कोई भी परेशानी के समय अपने दोस्तों से राय लेने में हिचक न रखें। मीनोपॉज के समय में शरीर को चुस्त रखना आवश्यक है इसलिए ऐसे समय में कुछ हल्के-फुल्के व्यायाम करते रहें। मीनोपॉज के समय में अधिक से अधिक पानी पियें क्योंकि ये आपके शरीर के तापमान को सामान्य बनाये रखने में मदद करता हैं। खुश रहें परिवर्तन चाहे जिन्दगी के हो या शरीर में ये हमारी जिन्दगी का हिस्सा है इसलिए हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि कुछ बातें जो प्रकृति की तरफ से है। मीनोपॉज स्त्री के जीवन का एक अह्म हिस्सा हैं और इस दौर में आने वाली परेशानियों के प्रति अपना रवैया सकारात्मक रखे और अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह लेकर आप इसे सामान्य कर सकती है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े 17 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, कार्मिक और ऊर्जा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। औषधि और सर्जिकल सामग्री की खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में काम करेगा और औषधि, सर्जिकल सामग्री व रसायनों की खरीद करेगा। बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि देने और कारापाल सेवा नियमावली को मंजूरी देने का निर्णय भी लिया गया। सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिली छूट जारी रखने का फैसला किया गया। लोकायुक्त खोजबीन समिति को मंजूरी उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी स्वीकृति दी गई। सीड्स निगम के कर्मचारियों का समायोजन उत्तराखंड सीड्स एवं डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाएगा। इन कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जिलों में भेजने का निर्णय लिया गया है। रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में बने 116 आवासों में रह रहे मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी। शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों के लिए भी मंजूरी दी गई। ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट का प्रस्ताव मंजूर अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन देने का निर्णय लिया गया है। दूसरा चरण नौ नवंबर से शुरू होगा। वर्ष 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ मिलेगा। एक जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का फैसला किया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष काम नहीं कर रहे उपनल कर्मचारियों की स्थिति के आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित होगी। कर्मचारियों को परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में समायोजन किया जाएगा। अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ सेवा मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया था। अग्निवीरों से संबंधित कार्यों के लिए अलग सेल गठित की जाएगी। 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगाएगा अडानी यूपीसीएल की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता अडानी को जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है। अडानी पावर यह प्लांट स्थापित करेगा। परियोजना 25 वर्ष के लिए दी गई है। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए बजट बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए पंचायतों और निकायों को बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के बाद तुरंत काम शुरू कराया जा सके। आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और जमाखोरी पर अधिकारी लगातार नजर रखेंगे। सरकार ने अधिकारियों को बाजार में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गांवों में लगेंगी शहीदों की प्रतिमाएं उत्तराखंड के शहीदों की प्रतिमाएं उनके गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार ने इस संबंध में भी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।