थारू समाज के बीच पहुंचे CM धामी, सुनी समस्याएं; विकास और संस्कृति संरक्षण को लेकर दिया बड़ा भरोसा…..


खटीमा. कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थारू समाज की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से लेकर थारू संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण तक, संवाद में विकास की कई उम्मीदें और सरकार की प्रतिबद्धता साफ नजर आई.

कार्यक्रम में थारू समाज के प्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया. साथ ही समाज के प्रति उनके निरंतर सहयोग एवं थारू संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया.

संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवाद महज औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास एवं विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है. उन्होंने कहा कि थारू समाज से उनका जुड़ाव वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा.

मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिनिधियों से उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा कहा कि सरकार योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निरंतर प्रयासरत है.

जनजातीय विकास पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं. देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जनजातीय समाज से होना इस सोच और सशक्तिकरण की दिशा का महत्वपूर्ण उदाहरण है. आज एक बार फिर आप सभी के बीच आकर अपने परिवार से मिलने जैसा सुखद अनुभव हो रहा है. डबल इंजन की सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनजातीय समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि थारू समाज का प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर बने और प्रत्येक बेटी शिक्षित एवं सशक्त बने.

उन्होंने कहा कि थारू समाज की हर समस्या, हर सुझाव और हर अपेक्षा सरकार की प्राथमिकता है. समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.



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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े 17 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, कार्मिक और ऊर्जा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। औषधि और सर्जिकल सामग्री की खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में काम करेगा और औषधि, सर्जिकल सामग्री व रसायनों की खरीद करेगा। बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि देने और कारापाल सेवा नियमावली को मंजूरी देने का निर्णय भी लिया गया। सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिली छूट जारी रखने का फैसला किया गया। लोकायुक्त खोजबीन समिति को मंजूरी उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी स्वीकृति दी गई। सीड्स निगम के कर्मचारियों का समायोजन उत्तराखंड सीड्स एवं डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाएगा। इन कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जिलों में भेजने का निर्णय लिया गया है। रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में बने 116 आवासों में रह रहे मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी। शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों के लिए भी मंजूरी दी गई। ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट का प्रस्ताव मंजूर अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन देने का निर्णय लिया गया है। दूसरा चरण नौ नवंबर से शुरू होगा। वर्ष 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ मिलेगा। एक जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का फैसला किया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष काम नहीं कर रहे उपनल कर्मचारियों की स्थिति के आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित होगी। कर्मचारियों को परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में समायोजन किया जाएगा। अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ सेवा मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया था। अग्निवीरों से संबंधित कार्यों के लिए अलग सेल गठित की जाएगी। 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगाएगा अडानी यूपीसीएल की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता अडानी को जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है। अडानी पावर यह प्लांट स्थापित करेगा। परियोजना 25 वर्ष के लिए दी गई है। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए बजट बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए पंचायतों और निकायों को बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के बाद तुरंत काम शुरू कराया जा सके। आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और जमाखोरी पर अधिकारी लगातार नजर रखेंगे। सरकार ने अधिकारियों को बाजार में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गांवों में लगेंगी शहीदों की प्रतिमाएं उत्तराखंड के शहीदों की प्रतिमाएं उनके गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार ने इस संबंध में भी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।