CM धामी  ने एक महीने के अंदर प्रदेश भर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगाए गए नलों के सत्यापन करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए घरों में नलों के साथ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा अगले एक महीने के अंदर ऐसे स्थान जहां पानी न पहुंच रहा हो, वहां पानी की व्यवस्था हेतु डी.पी.आर. बनाकर योजना पर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने एक महीने के अंदर प्रदेश भर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगाए गए नलों के सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसे सभी घरों को चिन्हित किया जाए जहां किसी भी कारण से नल लगने के बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे स्थानों की जिओ टैगिंग के साथ पानी की आपूर्ति न होने के कारणों को भी स्पष्ट कर शासन को अवगत करवाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत लाभार्थियों तक पीने योग्य पानी पहुंचे। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला अधिकारियों एवं अधिशासी अभियंताओ को भी योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीणों को जल संरक्षण हेतु कराई गई ट्रेनिंग एवं जागरूकता के संबंध में जाँच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा जांच में ट्रेनिंग करवाने वाली संस्थाओं एवं उन्हें जारी धनराशि की भी जांच की जाए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न योजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने उक्त प्रस्तुतीकरण के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनी पौड़ी जिले की चुनखेत योजना के कार्य में खराब गुणवत्ता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चुनखेत योजना की खराब गुणवत्ता पर तत्काल प्रभाव से संबंधित गैर जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जिले की वासुकीनाग पंपिंग योजना की खराब गुणवत्ता पर उक्त योजना को श्रमदान घोषित कर योजना के पुर्ननिर्माण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा जल जीवन मिशन के अंतर्गत होने वाले सभी कार्यों का विशेष रूप से सत्यापन करवाया जाए। यदि कहीं भी लापरवाही या खराब गुणवत्ता पाई जाती है, तो उसपर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा राज्य में जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर घर जल ग्राम प्रमाणीकरण भी तेजी से किया जाए। शासन से जिला समिति एवं शासन से स्वीकृत हो चुकी योजनाओं को तय समय में धरातल पर उतारा  जाए। उन्होंने कहा जल जीवन मिशन में तय मानकों के अनुसार ही कार्य हो। मुख्यमंत्री ने वन भूमि के कारण बाधित कार्यों हेतु अलग से बैठक कर उनके निस्तारण के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा यह सुनिश्चित हो कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था करें।
बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के अतर्गत अबतक कुल 14.05 लाख परिवारों को जल संयोजन से जोड़ा गया है। प्रदेश में हर घर जल ग्राम प्रमाणीकरण के तहत अब तक कुल 6795 ग्रामों को प्रमाणित किया जा चुका है।
बैठक के पहले पूरी तैयारी करके आएं अधिकारी- मुख्यमंत्री।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बैठक के पहले अधिकारी पूरा होमवर्क करके आए। विभागाध्यक्ष हर प्रकार के आकड़े अपने पास रखें। मुख्यमंत्री ने कहा विभाग से संबंधित हर प्रकार के आंकड़े, विश्लेषण अधिकारियों के पास होने चाहिए।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना परिषद विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, विभागीय सचिव शैलेश बगौली , गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, महानिदेशक यूकास्ट प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव  रणवीर सिंह चौहान, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी (वर्चुअल) व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े 17 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, कार्मिक और ऊर्जा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। औषधि और सर्जिकल सामग्री की खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में काम करेगा और औषधि, सर्जिकल सामग्री व रसायनों की खरीद करेगा। बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि देने और कारापाल सेवा नियमावली को मंजूरी देने का निर्णय भी लिया गया। सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिली छूट जारी रखने का फैसला किया गया। लोकायुक्त खोजबीन समिति को मंजूरी उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी स्वीकृति दी गई। सीड्स निगम के कर्मचारियों का समायोजन उत्तराखंड सीड्स एवं डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाएगा। इन कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जिलों में भेजने का निर्णय लिया गया है। रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में बने 116 आवासों में रह रहे मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी। शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों के लिए भी मंजूरी दी गई। ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट का प्रस्ताव मंजूर अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन देने का निर्णय लिया गया है। दूसरा चरण नौ नवंबर से शुरू होगा। वर्ष 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ मिलेगा। एक जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का फैसला किया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष काम नहीं कर रहे उपनल कर्मचारियों की स्थिति के आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित होगी। कर्मचारियों को परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में समायोजन किया जाएगा। अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ सेवा मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया था। अग्निवीरों से संबंधित कार्यों के लिए अलग सेल गठित की जाएगी। 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगाएगा अडानी यूपीसीएल की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता अडानी को जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है। अडानी पावर यह प्लांट स्थापित करेगा। परियोजना 25 वर्ष के लिए दी गई है। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए बजट बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए पंचायतों और निकायों को बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के बाद तुरंत काम शुरू कराया जा सके। आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और जमाखोरी पर अधिकारी लगातार नजर रखेंगे। सरकार ने अधिकारियों को बाजार में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गांवों में लगेंगी शहीदों की प्रतिमाएं उत्तराखंड के शहीदों की प्रतिमाएं उनके गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार ने इस संबंध में भी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।