CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा 108 की तर्ज पर चलेगी हेली एम्बुलेंस सेवा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को धन्वंतरि जयंती के अवसर पर, एम्स ऋषिकेश के जरिए देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा का शुभारंभ किया। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के लिए कुल 12850 करोड़, रुपए लागत वाली स्वास्थ्य क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ, उद्धाटन और शिलान्यास किया। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एम्स ऋषिकेश से इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि एम्स ऋषिकेश में हेली एम्बुलेंस सेवा शुरू होने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत और आधुनिक बन सकेंगी, हेली एम्बुलेंस संकट के समय लोगों के लिए संजीवनी का काम करेगी। कई बार जहां सड़क मार्ग से पहुंचना संभव नहीं होता, हेली एम्बुलेंस ऐसे स्थानों पर भी आसानी से पहुंच कर लोगों की सहायता करेगी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को हेली एम्बुलेंस और ड्रोन की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सेवा का राज्य को लंबे समय से इंतजार था, अब एम्स ऋषिकेश से देश की पहली सरकारी हेली एम्बुलेंस शुरू हो रही है। यह सेवा 108 एम्बुलेंस की तर्ज पर चलेगी, जिसके जरिए राज्य के कौने-कौने से मरीजों को एम्स लाया जा सकेगा। यह सेवा निशुल्क उपलब्ध होगी। सीएम ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में कई बार मरीज को बड़े अस्पताल तक पहुंचाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सभी जीवनरक्षक सुविधा से युक्त हेली एम्बुलेंस दूर दराज के मरीजों के लिए जीवन दायनी का काम करेगी। जल्द ही इसका टोल फ्री नंबर जारी होगा, जिसे सभी 13 जिलों के जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल से जोड़ा जाएगा। किसी भी आपदा की स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय की सिफारिश पर तत्काल हेली एम्बुलेंस उपलब्ध कराएगी जाएगी। इसी तरह ड्रोन के प्रयोग से भी दूर दराज के क्षेत्रों से ब्लड सैम्पल लाने और दवा पहुंचाने में मदद मिलेगी। सीएम ने कहा कि ट्रायल दौरान एम्स ऋषिकेश से टिहरी तक मात्र 30 मिनट में दवा पहुंचाई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। देश के सभी क्षेत्रों में आज नवाचार हो रहे हैं, डिजिटल भुगतान के मामले में देश ने दुनिया के सामने नई लकीर खींची है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले 70 साल में महज सात एम्स खोले गए, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब एम्स की संख्या तीन गुना हो चुकी है। इसी तरह आयुष्मान योजना भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन है। प्रदेश के लोगों को भी इस सेवा का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में योजना शुरु किए जाने के समय इस पर 40 से 50 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान था, लेकिन अब इस पर एक हजार करोड़ का खर्च आ रहा है। अब 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को अतिरिक्त लाभ देने से उत्तराखण्ड के छह लाख बुजुर्गों लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज

सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में काम कर रही है। किच्छा में एम्स ऋषिकेश के सेटेलाइट सेंटर पर भी तेजी से काम चल रहा है। प्रदेश सरकार वर्तमान 207 प्रकार की निशुल्क पैथालॉजी जांच की सुविधा दे रही है, पर सरकार यहीं पर रुकने वाली नहीं है। सीएम ने कहा कि उत्तराखण्ड में हवाई यातायात की सुविधा बढ़ाने में भी केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय का सहयोग मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने जौलीग्रांट, पंतनगर एयपोर्ट के विस्तार के साथ ही आरसीएस योजना में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया है।

राज्य को हवाई सेवाओं में सहयोग मिलेगा।

इस मौके पर केंद्रीय नागर विमान मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि हेली एम्बुलेंस का प्रयोग पहाड़ी राज्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इसी तरही ड्रोन के जरिए भी एम्स की सेवाओं को घर घर तक पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं को विस्तार देने का प्रयास कर रही है, ताकि देश विदेश के यात्री उत्तराखण्ड आकर यहां की शक्ति अनुभव कर सकें। 10 साल में उत्तराखंड में तेजी से विकास हुआ है।

इस अवसर पर पूर्व सीएम और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, एम्स की निदेशक प्रो. मीनू सिंह भी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े 17 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, कार्मिक और ऊर्जा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। औषधि और सर्जिकल सामग्री की खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में काम करेगा और औषधि, सर्जिकल सामग्री व रसायनों की खरीद करेगा। बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि देने और कारापाल सेवा नियमावली को मंजूरी देने का निर्णय भी लिया गया। सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिली छूट जारी रखने का फैसला किया गया। लोकायुक्त खोजबीन समिति को मंजूरी उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी स्वीकृति दी गई। सीड्स निगम के कर्मचारियों का समायोजन उत्तराखंड सीड्स एवं डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाएगा। इन कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जिलों में भेजने का निर्णय लिया गया है। रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में बने 116 आवासों में रह रहे मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी। शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों के लिए भी मंजूरी दी गई। ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट का प्रस्ताव मंजूर अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन देने का निर्णय लिया गया है। दूसरा चरण नौ नवंबर से शुरू होगा। वर्ष 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ मिलेगा। एक जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का फैसला किया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष काम नहीं कर रहे उपनल कर्मचारियों की स्थिति के आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित होगी। कर्मचारियों को परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में समायोजन किया जाएगा। अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ सेवा मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया था। अग्निवीरों से संबंधित कार्यों के लिए अलग सेल गठित की जाएगी। 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगाएगा अडानी यूपीसीएल की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता अडानी को जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है। अडानी पावर यह प्लांट स्थापित करेगा। परियोजना 25 वर्ष के लिए दी गई है। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए बजट बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए पंचायतों और निकायों को बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के बाद तुरंत काम शुरू कराया जा सके। आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और जमाखोरी पर अधिकारी लगातार नजर रखेंगे। सरकार ने अधिकारियों को बाजार में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गांवों में लगेंगी शहीदों की प्रतिमाएं उत्तराखंड के शहीदों की प्रतिमाएं उनके गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार ने इस संबंध में भी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।