देहरादून- भाजपा महानगर अध्यक्ष एवं दून उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में केमिस्ट एसोसिएसन देहरादून महानगर पंजीकृत के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमण्डल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह से मिला।

प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने अभी हाल ही में पुलिस विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारियों द्वारा देहरादून के खुदरा दवा व्यवस्थाओं के उत्पीड़न के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से विस्तृत चर्चा की।

भेंट वार्त्ता के दौरान् संगठन के अध्यक्ष  नवीन खुराना ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को बताया कि 30 सितंबर, 2023 को देहरादून के लगभग 430 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण पुलिस विभाग द्वारा किया गया और आश्चर्य की बात है की दवा दुकानों का निरीक्षण औषधि निरीक्षक की अनुपस्थिति में किया गया जो औषधि एवं प्रधान अधिनियम के प्रावधान के विरुद्ध है। सभी दवा व्यापारी ड्रग एवं कॉस्मेटिक अधिनियम के अंतर्गत हैं व उनके द्वारा जारी लाइसेंस के पश्चात ही दवाई का क्रय विक्रय करते हैं,

उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया कि अगर पुलिस विभाग के पास कोई ऐसी दवा की सूची है जिसको दवा विक्रेता नहीं बेच सकते तो कृपया उक्त सूची हमको उपलब्ध करवाई जाए ताकि उसके बाद किसी भी आपत्ति वाली दवा का क्रय विक्रय दवा विक्रेता द्वारा नहीं किया जाएगा।

संगठन के महासचिव  अरविंद तायल जी ने बताया की दवा विक्रेताओं को दुकान के निरीक्षण से कोई भी आपत्ति नहीं है अगर दवा कानून के प्रावधानों का पालन किया जाए तथा दवा निरीक्षक की देखरेख में ही दवा का क्रय विक्रय हमारे दवा विक्रेता द्वारा नहीं किया जायेगा। यहां अंकित करता है की जांच व निरीक्षक सिर्फ और सिर्फ दवा विक्रेताओं के प्रताड़ना एवं उत्पीड़न के लिए किया जा रहा है।उन्हौंने बताया कि पुलिस विभाग उक्त कार्यवाही माननीय उच्चतम न्यायालय के क्रिमिनल अपील संख्या 200/ 2020 में पारित आदेश की अवमानना है ।

दून उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया संगठन द्वारा लिखित ज्ञापन में संलग्न छायाप्रति जिसमें कि उत्तराखंड पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था के आदेश संख्या डीजी- अपराध-214/2022 दिनांक 15 साल 2022 का जिक्र किया गया है जिसमें गढ़वाल एवं कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षकों को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित उक्त आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित करते हुए अवगत कराया गया है की औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 की धारा 32(1) के अनुसार अधिनियम में वर्णित अपराधों में कार्रवाई हेतु औषधि निरीक्षक ही सक्षम है। तथा पुलिस अधिकारियों को इस अधिनियम के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने अन्वेषण करने, गिरफ्तारी करने व आयोजन संस्थित करने की कोई शक्तियां प्राप्त नहीं हैं।

सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून से यह आह्वान किया कि अगर किसी भी दवा विक्रेता द्वारा अवैद्य एवं अनैतिक दवा का कारोबार किया जा रहा है तो उस पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई आवश्यक की जानी चाहिए।

मगर अधिनियम के विरुद्ध इस प्रकार की कार्यवाही पुलिस द्वारा की जाएगी तो संगठन व उसके सदस्य तथा समस्त दवा विक्रेता इसका पुरजोर विरोध करेंगे और स्वत: ही अपनी दुकान बंद कर देंगे। श्री अग्रवाल ने बताया की दवा विक्रेता सिर्फ व्यापार नहीं करता वह समाज की सेवा भी करता है इनका संगठन व इसके सभी सदस्य सामाजिक में सदैव कार्य करते हैं और समाज सेवा के लिए हमेशा अग्रिम पायदान में खड़े रहते हैं।

अंत में समस्त प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया कि इस मामले की जांच करवाकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में नियम वृद्धि किसी प्रकार की कार्रवाई दवा विक्रेताओं के विरुद्ध ना की जाए।

दून उद्योग व्यापार मंडल के महासचिव सुनील मैसोंन ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा दवा की दुकानों की जांच पड़ताल से सभी दवा विक्रेताओं की छवि धूमिल हो जाती है साथ ही सुनील मेसोंन ने कहा कि व्यापारी अपनी जिम्मेदारी समझता है और सदैव से पुलिस प्रशासन के साथ हमारे प्रदेश को नशा मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह जी ने बैठक पश्चात कहा कि हम सब का लक्ष्य देहरादून को नशा मुक्त करना है और हमारी मनसा किसी भी व्यापारी वर्ग व कैनिस्ट दुकानदार को परेशान करने की नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि केमिस्टों की आड़ में कुछ ऐसे लोग हो सकते हैं कि जो आपत्तिजनक दवाईयों का क्रय विक्रय कर रहै हों ऐसे लोगों को उन्हौंने सख्त चेतावनी दी है। अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने यह भी माना कि हो सकता है अभियान के चलते कुछ सही लोगों पर कार्रवाई हुई हो।

इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष श्री नवीन खुराना, महासचिव, अरविंद तयाल, कोषाध्यक्ष कपिल बंसल, संरक्षक सुधीर जैन, पूर्व अध्यक्ष नवनीत मल्होत्रा, उपाध्यक्ष जितेंद्र मित्तल, सह सचिव पुनीत अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संजय बंसल, कार्यकारी सदस्य प्रवीण कुमार जैन, भुपाल गुलाटी, लोकेश शर्मा, अमित सूरी, त्रिलोक संजय अग्रवाल, ईश्वर दयाल, प्रवीण गुप्ता, पुनीत अग्रवाल, राजेश जैन, बलवीर रावत, रवि अरोड़ा योगेंद्र कुमार, अनिल सिंह आदेश उनियाल, संजय मेहंदीरत्ता, अंकित अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े 17 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, कार्मिक और ऊर्जा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। औषधि और सर्जिकल सामग्री की खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में काम करेगा और औषधि, सर्जिकल सामग्री व रसायनों की खरीद करेगा। बैठक में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि देने और कारापाल सेवा नियमावली को मंजूरी देने का निर्णय भी लिया गया। सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिली छूट जारी रखने का फैसला किया गया। लोकायुक्त खोजबीन समिति को मंजूरी उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी स्वीकृति दी गई। सीड्स निगम के कर्मचारियों का समायोजन उत्तराखंड सीड्स एवं डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाएगा। इन कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जिलों में भेजने का निर्णय लिया गया है। रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में बने 116 आवासों में रह रहे मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी। शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों के लिए भी मंजूरी दी गई। ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट का प्रस्ताव मंजूर अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन देने का निर्णय लिया गया है। दूसरा चरण नौ नवंबर से शुरू होगा। वर्ष 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ मिलेगा। एक जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का फैसला किया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष काम नहीं कर रहे उपनल कर्मचारियों की स्थिति के आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित होगी। कर्मचारियों को परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में समायोजन किया जाएगा। अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ सेवा मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया था। अग्निवीरों से संबंधित कार्यों के लिए अलग सेल गठित की जाएगी। 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगाएगा अडानी यूपीसीएल की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता अडानी को जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है। अडानी पावर यह प्लांट स्थापित करेगा। परियोजना 25 वर्ष के लिए दी गई है। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए बजट बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए पंचायतों और निकायों को बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के बाद तुरंत काम शुरू कराया जा सके। आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और जमाखोरी पर अधिकारी लगातार नजर रखेंगे। सरकार ने अधिकारियों को बाजार में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गांवों में लगेंगी शहीदों की प्रतिमाएं उत्तराखंड के शहीदों की प्रतिमाएं उनके गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार ने इस संबंध में भी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।